Friday, May 31, 2019

Book Review - "เคธिเคฏांเค— เค•े เค‰เคธ เคชाเคฐ"

पुस्तक समीक्षा
:सियांग के उस पार।

आदरणीय श्री दयाराम वर्मा जी द्वारा लिखा गया उपन्यास "सियांग के उस पार " अपने आप में पूर्णतः का अनुभव कराता हुआ मार्मिक उपन्यास है । जो बेजोड़ प्रेम व् मानवीय मूल्यों को सुंदर ढंग से परिभाषित करता है । चूँकि यह उपन्यास एक यात्रा के विवरण सा प्रतीत होता है कि जैसे लेखक ने स्वयं अपनी आप बीती पाठको के सामने प्रस्तुत कर दी हो। मूलतः यह प्रेम पर लिखी रचना है जो की वायुसैनिक विक्रम एवं एक काबिले की1 नायिका निमसी के आगाध एवं सात्विक प्रेम को  भावनात्मक रूप से मिलाते हुए एक एक कड़ी जोड़कर पिरोया गया है
इस उपन्यास में हमे अनेक महत्वपूर्ण व् मनोहर जानकारियां भी प्राप्त होती है । अरुणांचल प्रदेश की सियांग नदी एवं सियांग घाटी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो अपने आप में प्राकृतिक खूबसूरती को परिभाषित करता है इस उपन्यास के माध्यम से लेखक ने उन सभी सौंदर्यो का चित्रण इतने सुंदर ढंग से किया है कि सारे स्थल सजीव रूप में प्रतीत हो उठते है। वस्तुतः यह एक काल्पनिक रचना है पर इसे इतने प्रभावी ढंग से लिखा गया है कि यह उपन्यास पढ़ते समय पाठक इसमें जी उठते है। लेखक ने सियांग के पर्यटन स्थल व् प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा वहा के लोगो का रहन सहन , जीवन स्तर,  भाषा बोली एवं कला व् संस्कृति से पाठको को परिचित कराया है ।
जो की काबिलेतारीफ है । लेखक के द्वारा लिखी इस अप्रतिम रचना के लिए मैं उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ। सियांग के उस पार हम सभी को इसलिए भी  पढ़ना चाहिये ताकि इस जून के महीने में भी हमे शीतलता का अनुभव हो सके ।
धन्यवाद
मयंक रविकान्त अग्निहोत्री।

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