Thursday, August 13, 2020

निरापद

"निरापद"
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लड़की में लड़के को अपना भूत , भविष्य, वर्तमान एक साथ दिखाई देता था। मुला लड़की, उस लड़के में सिर्फ और सिर्फ अपना भविष्य देखना चाहती थी। दोनों ने एक दूसरे को यह भरोसा दिला दिया, कि वे दोनों प्रेम में हैं।

कुछ दिनों के बाद जब लड़के की जेब का वास्ता गांधी से टूटने लगा और जेब में चिल्लरों की खनक बढ़ने लगी। इस घटना का सीधा असर उन दोनों प्रेमियों पर ठीक उसी प्रकार हुआ, जैसे जावेद अख्तर के राज्यसभा में "भारत माता की जय" बोलने के बाद असदुद्दीन ओवैसी पर हुआ होगा। लड़की ने चिल्लरों की खनक को ध्वनि प्रदूषण की संज्ञा देकर, लड़के की भूत, भविष्य एवं वर्तमान वाली अवधारणा पर हरताल पोत दी और किसी दूसरे लड़के में भविष्य देखने लगी।

एक लड़का और था, जो अपने गाँव के बड़े तालाब में तैराकी सीखना चाहता था। परन्तु बाप की उसे सख़्त हिदायत थी कि उस तालाब में तैरने का ख़्याल भी ना मन में आना चाहिए। वरना बदले में हाथ पैर तोड़ कर रख दिए जाएंगे। इस कठोर सख़्ती पर उसके बाप की दलील यह थी कि, उस तालाब का पानी बहुत ही गन्दा है, जिसमें नहाने से कई सारी बीमारियां होने की संभावना है। साथ ही तालाब की गहराई बहुत ही ज्यादा है। जिसमें कई लड़के डूबकर मर चुके हैं। 
हर भारतीय लौंडे की तरह उस लड़के की भी उसके बाप से घनघोरतम रूप से फटती थी। उसने यह तय किया कि बाप की नज़रों से जुदा अब वह समंदर में जाकर तैराकी सीखेगा। 

गाँव का लड़का कई नदियों के मुहाने से मुँह मोड़ता हुआ समंदर तक जा पहुंचा। समंदर में उतरते ही वह लहरों के साथ मन भर अठखेलियाँ करता रहा। आनन्द आने ही लगा था कि तभी एक बड़ी लहर का प्रेम उमड़ा। उसने लड़के को जोर से गले लगाया और अपने अंदर समाहित कर लिया।

लड़का, लौटकर वापस नही आया, जो लड़के लौटकर वापस नही आते वे समंदर हो जाते हैं।

Art by El Greco
Art by El Greco


एक लड़की को पढ़ने का शौक था। लड़की के बाप को पढ़ाने का शौक नही था। लड़की की माँ को खाँसने का शौक था और लड़की के भाई को लड़कियों के पीछे - पीछे भागने का शौक था। 

लड़की जी लगाकर, छिप, छिपाकर अपना शौक पूरा करती थी। पकड़ जाने पर कई बार दुत्कार और मार सहती थी। लड़की वैज्ञानिक बनना चाहती थी। लड़की का बाप लड़की की शादी कराना चाहता था। लड़की की माँ अपनी खांसी का ईलाज चाहती थी और लड़की का भाई लड़कियाँ पटाना चाहता था। 

विज्ञान की किताब के इतर एक दिन लड़की ने अध्यात्म की किताब में प्राण - वायु के विषय में पढ़ लिया। उसे समझ आया कि जिस्म में प्राण, वायु के रूप में मौजूद होते हैं, जब तक यह प्राण रूपी वायु है। तब तक राम की चिड़िया का पेट भरा रहेगा। 

लड़की ने टेस्ला, एडिसन आदि के बारे में यही पढ़ा था कि विज्ञानी बनने के लिए उन्होंने कई सारे प्रयोग किये थे। 

उसने भी प्रयोग किया। अब शरीर में प्राण रूपी वायु नही रह गई थी। राम की चिड़िया भूख से बिलबिला कर उड़ गई। लड़की की माँ रोते और खाँसते हुए चल बसी। लड़की के बाप ने दूसरी शादी कर ली और लड़की के भाई ने अपना ठिकाना दर - दरगाहों का बना लिया है। 

Mayank✍️

Art by El Greco...

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